मगर उन नाज़ुक मुस्कानों ने सब दर्द छुपा रखा है…
वरना हम तो हँसना भी सीख गए थे दर्द के साथ।
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
मुलाकाते जरूरी है अगर रिश्ते निभाने हो,
तुम्हारे साथ भी बर्बाद थे तुम्हारे बाद भी बर्बाद हैं…!
अब ना भटकते हैं, ना रोते—बस बदल चुके हैं।
मगर आज भी तेरा नाम दिल से मिटा नहीं पाया।
नया कपड़ा क्या पहन लिया अब तो बात भी नही करते…!
क्यों नहीं समझ पाई मेरी मोहब्बत के राज़।
क्योंकि उसे पता है— लोग हँसते हैं लड़कियों के दर्द पर भी।
ये दर्द मेरा है… इसे मैं अकेले सह लूँगा,
हम भी अब खुद को छोड़कर किसी को पसंद नहीं करते।
उसे Sad Shayari in Hindi जाना था, हमने भी दिल पर पत्थर रखकर जाने दिया,
अपनों की कमी नहीं फिर भी अकेला छोड़ गया